कोलकाता: रेल मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पश्चिम बंगाल को कुल 14,205 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में रेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई अहम परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें बुलेट ट्रेन, मेट्रो विस्तार और माल ढुलाई कॉरिडोर शामिल हैं।
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना वाराणसी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस हाई-स्पीड रेल सेवा का विस्तार असम तक किए जाने की भी योजना है। इस परियोजना से उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के बीच संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अश्विनी वैष्णव ने डंकुनी से सूरत तक प्रस्तावित फ्रेट कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर पूर्वी भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को पश्चिमी भारत के बंदरगाहों से जोड़ेगा, जिससे माल ढुलाई तेज, सस्ती और अधिक प्रभावी होगी।
मेट्रो परियोजनाओं पर बात करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में कोलकाता में केवल 27 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ, जबकि पिछले 11 वर्षों में एनडीए सरकार के दौरान 45 किलोमीटर मेट्रो लाइन बिछाई गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने कोलकाता के चिनरिघाटा इलाके में मेट्रो परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे परियोजना प्रभावित हो रही है।
रेल मंत्री ने रेल सुरक्षा को लेकर कहा कि रेल दुर्घटनाओं में हाथियों की मौत रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत संवेदनशील इलाकों में एआई आधारित निगरानी प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे समय रहते ट्रेनों को सतर्क किया जा सके।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस बड़े निवेश से पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत के प्रमुख रेल हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी और रोजगार, व्यापार व संपर्क के नए अवसर पैदा होंगे।
