डिजिटल लत और टॉक्सिक रिश्ते आज के नए ‘ज़हर’: कोलकाता में ‘TOXIC’ के लॉन्च पर पद्मश्री डॉ. मुकेश बत्रा

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कोलकाता: डिजिटल लत, लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम और टॉक्सिक रिश्तों को आज की जिंदगी की बड़ी चुनौतियों में गिनाते हुए पद्मश्री डॉ. मुकेश बत्रा ने शुक्रवार को कोलकाता में अपनी नई किताब ‘TOXIC’ लॉन्च की। किताब को डॉ. बत्रा ने स्वामी शैलेंद्र सरस्वती के साथ मिलकर लिखा है। लॉन्च कार्यक्रम पार्क स्ट्रीट स्थित ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर में आयोजित किया गया था। डॉ. बत्रा ने भी कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर लॉन्च की जानकारी साझा की थी।

कार्यक्रम में अभिनेत्री देबोलीना दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। फलक राशिद रॉय ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई, जबकि अनुजा रॉय गेस्ट ऑफ ऑनर रहीं। कार्यक्रम में साहित्य और क्रिएटिव जगत से जुड़े कई लोग मौजूद थे।

पैनल चर्चा के दौरान डॉ. मुकेश बत्रा ने कहा कि आज टॉक्सिसिटी का मतलब केवल शरीर में मौजूद किसी हानिकारक तत्व से नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया और रिश्तों में मौजूद नकारात्मकता से भी है।

उन्होंने कहा, “आज टॉक्सिसिटी सिर्फ वह नहीं है जो हमारे खून में घुलती है, बल्कि वह भी है जो हमारी बैंडविड्थ में आती है।” उन्होंने डिजिटल टॉक्सिसिटी को स्क्रीन के साथ जरूरत से ज्यादा और लगातार जुड़े रहने से जोड़ा। उनके मुताबिक, इसका असर व्यक्ति की दिनचर्या, मानसिक स्थिति और जीवनशैली पर पड़ सकता है।

डॉ. बत्रा ने टॉक्सिक रिश्तों को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे रिश्ते व्यक्ति को भावनात्मक और मानसिक तौर पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनके मुताबिक, ‘TOXIC’ का उद्देश्य लोगों को आधुनिक जीवन में मौजूद विभिन्न तरह की टॉक्सिसिटी को पहचानने और उससे निपटने के तरीकों पर सोचने में मदद करना है।

देबोलीना दत्ता ने कहा कि अभिनेता और दर्शक दोनों ऐसी संस्कृति का हिस्सा हैं, जो यह प्रभावित करती है कि लोग खुद को, अपने रिश्तों और अपने आसपास की दुनिया को किस नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ भावनात्मक और मानसिक स्तर पर हम क्या अपने भीतर ले रहे हैं, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है।

‘TOXIC’ में डिजिटल ओवरलोड, जीवनशैली का तनाव, नुकसानदायक आदतों और रिश्तों में मौजूद नकारात्मकता जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। किताब पाठकों को जीवन में संतुलन बनाने और विभिन्न प्रकार की टॉक्सिसिटी से निपटने के तरीकों पर विचार करने का मौका देती है।
कार्यक्रम के अंत में बुक साइनिंग सेशन हुआ, जहां डॉ. मुकेश बत्रा ने पाठकों और शुभचिंतकों से बातचीत की।

डॉ. मुकेश बत्रा डॉ. बत्राज़ हेल्थकेयर के संस्थापक हैं और कई पुस्तकों के लेखक भी हैं। वे चिकित्सा के अलावा गायन, फोटोग्राफी और लेखन से भी जुड़े हुए हैं।

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