गंगासागर मेला 2026 के लिए सियालदह मंडल की उन्नत परिवहन योजना

Eastern Railway Kolkata Railway West Bengal

कोलकाता: पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने गंगासागर मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत परिवहन एवं सुरक्षा योजना को अंतिम रूप दिया है। यह विशेष व्यवस्था 9 जनवरी से 17 जनवरी, 2026 तक लागू रहेगी।

गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सियालदह के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजीव सक्सेना ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए रेल सेवाओं, भीड़ प्रबंधन, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा तथा चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। काकद्वीप में विशेष मेला अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो चौबीसों घंटे समन्वय का कार्य करेंगे।

डीआरएम ने बताया कि इस वर्ष प्रतिदिन 23 जोड़ी ईएमयू सेवाएं संचालित की जाएंगी, जिनमें सियालदह–नमखाना/काकद्वीप के बीच 10 जोड़ी विशेष मेला ट्रेनें शामिल हैं। लक्ष्मीकांतपुर–नमखाना सिंगल लाइन खंड की सीमाओं के बावजूद ट्रेनों की यह संख्या प्लेटफार्मों पर भीड़ कम करने और प्रतीक्षा समय घटाने में सहायक होगी। अतिरिक्त ट्रेनों की अवधि को छह से बढ़ाकर सात दिन कर दिया गया है। कुल ट्रेनों की संख्या 2025 में 72 से बढ़ाकर 2026 में 126 की गई है।

मेला यात्रियों की सुचारु आवाजाही के लिए सियालदह स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 15 और 16 तथा काकद्वीप स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 2 को विशेष रूप से आरक्षित किया गया है। प्रत्येक ट्रेन में लगभग 2,000 से 2,500 यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था की गई है। बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग की प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए क्यू मैनेजर्स की तैनाती की जाएगी।

रेल प्रशासन ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के तहत “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर आधारित व्यवस्था लागू की गई है। सियालदह स्टेशन पर नमखाना और काकद्वीप जाने वाले यात्रियों का प्रवेश सियालदह साउथ मेट्रो के समीप बने होल्डिंग एरिया से होगा, जबकि निकास नियमित सियालदह साउथ गेट से कराया जाएगा। काकद्वीप स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या 2 के एक हिस्से को होल्डिंग एरिया के रूप में विकसित किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सियालदह, काकद्वीप और नमखाना में एकीकृत होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां एम-यूटीएस के माध्यम से ऑन-साइट टिकटिंग, बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा स्टेशनों, संपर्क सड़कों और फुट ओवरब्रिज पर उन्नत प्रकाश व्यवस्था की गई है। चौबीसों घंटे जलापूर्ति और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत 54 अधिकारी और 340 आरपीएफ कर्मियों की तैनाती की गई है। सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी, डॉग स्क्वॉड द्वारा जांच तथा रात्रिकालीन विशेष ईएमयू ट्रेनों में आरपीएफ एस्कॉर्ट की व्यवस्था की गई है।

चिकित्सा व्यवस्था के तहत सियालदह, काकद्वीप और नमखाना में चिकित्सा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर सहित प्राथमिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। तकनीकी आपात स्थितियों से निपटने के लिए लक्ष्मीकांतपुर में टावर वैगन और विद्युत इंजीनियरिंग टीमें तैयार रहेंगी।

डीआरएम राजीव सक्सेना ने कहा कि गंगासागर मेला केवल एक परिवहन चुनौती नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन का सहयोग करने और निर्धारित क्रम में बोर्डिंग की प्रक्रिया का पालन करने की अपील की।

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