कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार ने शीर्ष पुलिस प्रशासन में बड़ा और अहम फेरबदल किया है। मौजूदा कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार की सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार देर रात कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों की घोषणा की गई।
राज्य सचिवालय नवन्ना की ओर से जारी विशेष आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भरोसेमंद माने जाने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडे को पश्चिम बंगाल का नया कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया है। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी पांडे अब अगले आदेश तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे अब तक मुख्यमंत्री के सुरक्षा निदेशक के तौर पर कार्यरत थे।
वर्तमान डीजीपी राजीव कुमार, जो 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
कोलकाता पुलिस को मिला नया कमिश्नर
इस फेरबदल के तहत कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा को उनके पद से हटाकर राज्य का निदेशक (सिक्योरिटी) बनाया गया है। उनकी जगह सुप्रतिम सरकार को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। सुप्रतिम सरकार इससे पहले एडीजी (कानून-व्यवस्था) के पद पर कार्यरत थे और उन्हें भी मुख्यमंत्री का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है।
कानून-व्यवस्था और एसटीएफ में अहम बदलाव
आदेश के अनुसार,
- विनीत कुमार गोयल, जो अब तक एसटीएफ के एडीजी और आईजीपी थे, को एडीजी (कानून-व्यवस्था) बनाया गया है। साथ ही उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
- जावेद शमीम, जो एडीजी और आईजीपी (कानून-व्यवस्था) थे, अब एसटीएफ के एडीजी होंगे और उन्हें खुफिया शाखा (इंटेलिजेंस) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
- अजय मुकुंद रानाडे को दूरसंचार विभाग का एडीजी बनाया गया है।
- विशाल गर्ग को एडीजी के पद पर पदोन्नत कर साइबर सेल में तैनात किया गया है।
- अनुज शर्मा को अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
- नटराजन रमेश बाबू को होम गार्ड्स का प्रमुख बनाया गया है।
चुनाव से पहले रणनीतिक कदम
चुनाव से ठीक पहले पुलिस प्रशासन में इस तरह का व्यापक फेरबदल राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, खुफिया तंत्र और सुरक्षा जैसे संवेदनशील विभागों में नए चेहरों की तैनाती को राज्य सरकार की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
नए कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है—वे आईआईटी के पूर्व छात्र रह चुके हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि उनके नेतृत्व में बंगाल पुलिस आने वाले चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था को किस तरह संभालती है।
